गुरुवार, 8 अगस्त 2019

भारत का संविधान

https://gkave.blogspot.com/2019/08/blog-post_3.html


संविधान सभा




*भारत का संविधान, 'लिखित और मौलिक दस्तावेज होता है, जिसके आधार पर किसी देश की शासन व्यवस्था संचालित की जाती है , विश्व में संविधान सभा का विचार देने वाला व्यक्ति ब्रिटेन का राजनितिक विचारक सर हेनरी मेंन था|




*विश्व में सर्वप्रथम संविधान सभा सन 1787 में अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बनाई गयी| जंहा 13 राज्यों के प्रतिनिधि ने मिलकर अमेरिका का संविधान तैयार किया था भारत में संविधान सभा का सर्वप्रथम विचार सन 1895 में स्वराज्य विधेयक में व्यक्त हुआ | जिसे तिलक के निर्देशन में तैयार किया गया |




*सन 1928 में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में संविधान का प्रारूप तैयार किया गया , यह नेहरू प्रतिवेदन के रूप में लोकप्रिय हुआ | अगस्त 1940 में वायसराय लार्ड लिनलिथगो द्वारा प्रस्तुत अगस्त प्रस्ताव में व्रिटिश सरकार की और से पहली बार संविधान सभा की बात को स्वीकार किया | भारतीय राष्टीय कांग्रेस ने अगस्त प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था




सन 1942 में क्रिप्स प्रस्तावों में भी इसे दोहराया गया | कांग्रेस ने क्रिप्स प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया | गाँधीजी के अनुसार "क्रिप्स प्रस्ताव दिवालिया बैंक के नाम भविष्य की तिथि में भुनाया जाने वाला चैक है




सन 1946 में केबिनेट मिशन योजना भारतीय संविधान सभा के प्रस्तावों को स्वीकार कर इसे व्यवहारिक रूप दिया गया




*भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 में (कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों पर) किया गया




*भारतीय संविधान विश्व का सबसे विशाल संविधान है जिसके निर्माण 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था




*भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग ,और 8 अनुसूचियाँ थी (वर्तमान में 12 अनुसुचिया है *भारत के पहले शिक्षा मंत्री सी. राजगोपालाचारी थे




*संविधान का प्रथम अधिवेशन 9 दिसंबर 1946 को सम्पन हुआ, डॉ सच्चिदानन्द सिन्हा ने संविधान सभा के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता की, जो अस्थायी थे |




*11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान का स्थयी अध्यक्ष चुना गया |




*पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने संविधान सभा के समक्ष 'उद्देश्य प्रस्ताव' 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत किया, जो भारतीय संविधान की नीव थी|




*उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान के रूप में परिष्कृत करने के लिए विभिन्न विषयो से संबंधित समितियों का गठन किया गया, जिनमे सबसे प्रमुख डॉ.भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता बनी सात सदस्यों वाली प्रारूप समिति थी |




संविधान की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और इसी दिन संविधान सभा द्वारा डॉ.राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया




26 नवम्बर ,1949 को संविधान अंगीकृत किया गया था, जिस पर 284 सदस्यों के हस्ताक्षर किए थे | 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागु किया गया, क्योकि सन 1930 से ही 26 जनवरी का दिन सम्पूर्ण भारत में स्वाधीनता के रूप में मनाया जाता है | 26 जनवरी 1950 को प्रथम गणतंत्र दिवस मनाया गया




प्रमुख संविधान समिति 




क्रम   संख्या  समितियाँ                        अध्यक्ष 
1    प्रारूप समिति                     डॉ.भीमराव अम्बेडकर 
2    कार्य संचालन समिति                के. एम्. मुंशी 
3    संघ संविधान, संध शक्ति समिति      जवाहर लाल नेहरू 
4    मूल अधिकार,अल्प संख्यक प्रान्तीय    सरदार वल्लभभाई पटेल  
    संविधान समिति  
5    प्रक्रिया, वार्ता, तदर्थ झंडा समिति    डॉ. राजेंद्र प्रसाद
6    अल्प संख्यक उपसमिति            एच. सी. मुखर्जी 
7    सदन समिति                    पी.पट्टाभि रमैया 
8    वित्त एवं स्टाफ समिति             ए. एन. सिन्हा 






संविधान सभा की कार्य प्रणाली




ग्रेनविल ऑस्टिन ने अपनी पुस्तक 'इण्डियन कॉन्स्टिट्यूशन कार्नर स्टोन ऑफ़ ए नेशन' में व्यक्त किया की भारत की संविधान का दृष्टिकोण तीन सिद्धांतो पर आधरित था




1.सर्वसम्मतता : सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय-संधीय व्यवस्था प्रस्तावना, संसद आदि|




2. समायोजन : दो परस्पर विरोधी समझे जाने वाले सिधान्तो में समन्वय | जैसे संघात्मक एवं एकात्मक तत्वों में समन्वय |




3. परिवर्तन के साथ चयन : जैसे संविधान संशोधन प्रणाली |




NOTE : जेनिंग्स ने संविधान सभा को वकीलों का स्वर्ग कहा है




संविधान के स्रोत




ब्रिटेन : संसदीय शासन, विधि का शासन, कानून निर्माण प्रक्रिया, संसदी विशेषाधिकार |




अमेरिका : मूल अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, उप-राष्ट्रपति का पद, राष्ट्रपति पर महाभियोग, कानुन का समान संरक्षनण |




आयरलैण्ड : निति निर्देशक तत्व, राष्ट्रपति की निर्वाचन प्रद्धति, राजयसभा में सदस्य मनोनीत |




कनाडा : संधीय व्यवस्था, अवशिष्ट शक्ति केन्द्र में निहित होना |




आस्ट्रेलिया : समवर्ती सूचि, संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक|




जर्मनी : आपातकालीन प्रावधान |




सोवियत संघ : मूल कर्तव्य, प्रस्तावना में न्याय का आदर्श |




फ़्रांस : गणतंत्र, समानता स्वतंत्रता एवं बंधुत्व का आदर्श |




दक्षिण अफ्रीका : संविधान संशोधन प्रक्रिया |




जापान : कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया |

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें