गुरुवार, 8 अगस्त 2019

भारतीय नागरिको के मौलिक अधिकार एक नजर

मौलिक अधिकार 
  • मौलिक अधिकार को संविधान का 'मैग्नाकार्टा'  कहा जाता है, ये विधायिका और कार्यपालिका की शक्तियों को मर्यादित करते है | 
  • भारतीय संविधन का अनुच्छेद 12 से 35 भारतीय नागरिको को मौलिक अधिकार प्रदान करता है | 
  • यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकार का हनन होता है, तो वह न्यायालय की शरण ले सकता है | 
  • सम्पति का अधिकार को 44 वें संविधान संशोधन (1978) के द्वारा निरसित किया गया है | 
  • NOTE : 1931 में कराची अधिवेशन (अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल) में कांग्रेस ने घोषणा पत्र में मूल अधिकार की मांग की | मूल अधिकार का प्रारूप जवाहर लाल नेहरू ने बनाया था | 
    https://gkave.blogspot.com/2019/08/maulik-adhikar.html
मौलिक अधिकार के प्रकार 
  • वर्तमान में भारतीय नागरिको को निम्लिखित छः प्रकार के मौलिक अधिकार प्राप्त है 
  • समता का अधिकार/समानता का अधिकार    - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 के अंतर्गत भारतीय नागरिको को समता/समानता का अधिकार प्राप्त है, इसे संयुक्त राज्य अमेरिका से लिया गया है इसका वर्णन संविधान के भांग 3  में किया ह्या है 
  • अनुच्छेद 14 -विधि के समक्ष समता - के तहत भारत के नागरिको को विधि के समक्ष समान अधिकार  तथा  समान रूप से उसे लागु भी करेगा | 
  • अनुच्छेद 15 - के तहत किसी भी भारतीय नागरिको को राज्य धर्म, जाति,नस्ल, लिंग या जन्म के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा | 
  • अनुच्छेद 16 -के तहत  भारत के सभी नागरिको को राज्य के अधीन किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए उपलब्ध समान अवसर की प्राप्ति का अधिकार होगा |
  • अनुच्छेद 17 -अस्पृश्यता का अंत -यदि कोई इसे अपने जीवन में अपनाता है या ऐसी भावना प्रकट है, तो उसे दंडनीय अपराध घोषित किया गया है 
  • अनुच्छेद 18 -उपाधि का अंत -सेना या विधि सम्बन्धि सम्मान के सिवाय अन्य कोई भी उपाधि राज्य द्वारा प्रदान नही की जाएगी | भारत क कोई नागरिक किसी अन्य देश से बिना राष्ट्रपति की आज्ञा के कोई उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता है
  • स्वतंत्रता का अधिकार    -भारतीय  संविधान के अनुच्छेद 19 से 22 भारतीयो के लिए स्वतंत्रता का अधिकार का प्रावधान है 
  • अनुच्छेद 19 -विचार अभिव्यक्ति -सभी नागरिको को विविध प्रकार की विचर की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है जो क्रमवार है |        
  •               19 (A) विचार अभिव्यक्ति, प्रेस की स्वतंत्रता, सुचना पाने की स्वतंत्रता
  •               19 (B) शांतिपूर्ण बिना शस्त्र के एकग्रित होने की और सभा या सम्मेलन करने की स्वतंत्रता | 
  •               19 (C) संघ बनाने की स्वतंत्रता | 
  •               19 (D) आवागमन की स्वतंत्रता (देश में कहि भी ) | 
  •               19 (E)  निवास की स्वतंत्रता | 
  •               19 (F)  व्यापार व्यवसाय, रोजगार की स्वतंत्रता | 
  • अनुच्छेद 20 - अपराध के दोष सिद्धि के सम्बन्ध -
  •              ( i ) एक अपराध के लिए सिर्फ एक सजा | 
  •              (ii ) तत्कालीन क़ानूनी उपबंध  मिलेगी | 
  •              (iii )स्वयं के विरुद्ध गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा | 
  • अनुच्छेद 21 -जीवन एवं शारीरिक स्वतंत्रता का संरक्षण -
  •              21 (क) 6 से 14 वर्ष के बच्चो को नि:शुल्क  एवं अनिवार्य शिक्षा ( 86 वें संविधान संशोधन 2002)
  • अनुच्छेद 22 - गिरफ्तारी और निरोध में संरक्षण -
  •               (i) हिरासत में लेने से पहले उसे कारण बताना होगा | 
  •               (ii)24 घण्टे के अन्दर अपराधी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना | 
  •               (iii )पसन्द के अधिवक्ता से सलाह लेने का अधिकार | 
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार   - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 से 24 भारतीय नागरिको को शोषण के विरुद्ध अधिकार प्राप्त है 
  • अनुच्छेद 23 -दुर्व्यापार और बलात श्रम  प्रतिषेध | 
  • अनुच्छेद 24 -14 वर्ष से कम आयु वाले किसी बच्चे को कारखानों, खनन क्षेत्रों या अन्य किसी भी प्रकार के जोखिम बजरे कार्य पर नियुक्त करना दण्डनीय अपराध है | 
  • धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार -भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 धार्मिक स्वतंत्रता का प्रावधान है | 
  • अनुच्छेद 25 - भारतीय नागरिको को धरण को मानने तथा उसका प्रचार-प्रसार करने की स्वतंत्रता | 
  • अनुच्छेद 26  -अपने धर्म के लिए संस्थाओ की स्थापना करने, संचालन करने,सम्पत्ति अर्जन करने, स्वामित्व रखने तथा नियंत्रण का अधिकार | 
  • अनुच्छेद 27  -जिसकी आय, किसी भी धर्म या धार्मिक सम्प्रदाय की प्रगति में व्यय के लिए निश्चित कर दी, ऐसे उसे बाध्य  नहीं किया जाएगा | 
  • अनुच्छेद 28  -राज्य-विधि से पूर्व रुप से संचालित कसी शिक्षण  संस्थान में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी | किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने या किसी धर्मोपदेश को बलपुरक सुनने के लिए बाध्य नहीं करेगा | 
  • संस्कृति और शिक्षा सम्बन्धि  अधिकार -भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 भारतीय नागरिको के लिए संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार 
  • अनुच्छेद 29 -(१)नागरिको को अपनी भाषा लिपि एवं संस्कृति बनाए रखने का अधिकार है | 
  • अनुच्छेद 29 -(२)भाषा, जाति, धर्म, और संस्कृति के आधार पर किसी भी नागरिक को सरकारी शैक्षिक संस्था में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता है | 
  • अनुच्छेद 30 -अल्पसंख्यक को अपने शिक्षण संस्थाओ की स्थापना एवं संचालन का अधिकार 
  • संवैधानिक उपचारो  का अधिकार  
  • डॉ. अम्बेडकर  मान्यता थी कि अनुच्छेद 32  सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रावधान है, इसके बिना संविधान अधूरा है, संवैधानिक उपचारो का अधिकार 'संविधान की आत्मा' एवं हृदय है | 
  • यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का हनन होता है तो वह सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32) तथा उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226 ) अपील कर सकता है | 
  • सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय को नागरिको के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए 'रिट' याचिका जारी करने का अधिकार प्राप्त है  
याचिकाए 
  • बन्दी प्रत्यक्षीकरण -बन्दी बनाए गए व्यक्ति को 24 घण्टे के अंदर न्यायालय में पेश करे, और नहीं करने पर सम्बन्धित पुलिस अधिकारी को यह लेख जारी किया जाता है 
  • परमादेश - अर्थ -हम आदेश देते है ' सार्वजनिक संस्था या पदाधिकारी अपने दायित्व  का निर्वहन नहीं करे तो उसे परमादेश लेख जारी किया जाता है
  • प्रतिषेध -अर्थ -रोकना - यह आदेश अधीनस्थ न्यायालय को अपने न्याय क्षेत्र से बाहर कार्यो को रोकने के लिए जारी किया जाता है 
  • उत्प्रेषण -यह लेख उच्चतम न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों को क्षेत्राधिकार से बाहरो के मामलो को अपने पास मंगवाने के लिए जारी किया जाता है 
  • अधिकार पृच्छा - अनधिकृत व्यक्ति को पद से हटाने के लिए यह लेख जारी किया जाता है 
  • NOTE : भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32  संविधान का आधार-भूत लक्षण है, संविधान में संशोधित कर इसे निरसित/ परिवर्तित नहीं किया जा सकता है 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें