रविवार, 11 अगस्त 2019

भारत में राजनैतिक पार्टी एवं उनकी भूमिका

भारत में राजनैतिक पार्टी एवं उनकी भूमिका 
  • राजनितिक पार्टी  का आशय ऐसे संगठित मानव समुदाय से है जो समान राजनितिक व आर्थिक विचार रखता है।  तथा वैधानिक ढंग से सत्ता प्राप्ति हेतु प्रयासरत हो। 
  • राजनितिक दल की विशेषताए 
  • 1. संगठित मानव समुदाय 
  • 2. आर्थिक-राजनितिक सिद्धांतो की एकता 
  • 3. संवैधनिक साधनो में विश्वास 
  • 4. सुनियोजित कार्य प्रद्धति 
  • 5. सत्ता प्राप्ति का लक्ष्य 
  • NOTE : दलीय प्रद्धति का जन्म व्यूरिप्स को माना  जाता है 
  • राजनितिक दल की परिभाषा 
    https://www.gkvidya.site/2019/08/rajnaitik-parti.html
  • ब्राइस के अनुसार - राजनीतिक दल जनतंत्र से कही अधिक  प्राचीन है 
  • बर्क के अनुसार - रकनीतिक दल 'राष्ट्रीय हिट की वृद्धि के लिए संगठित राजनीतिज्ञ समुदाय है 
  • गैटल के अनुसार - राजनीतिक दल न्यूनाधिक संगठित उन नागरिको का समूह होता है, जो राजनीतिक इकाई के रूप में कार्य करते है ओर जिनका उद्देश्य अपने मतदान बल के प्रयोग द्वारा सरकार पर नियंत्रण करना व अपनी सामान्य नीतियों को क्रियान्वित करना है 
  • दलीय प्रणाली के प्रकार - 3 प्रणाली 
  • एक दलीय प्रणाली- रूस, चीन 
  • द्विदलीय प्रणाली- ब्रिटेन तथा अमेरिका 
  • बहुदलीय प्रणाली- भारत, फ्रांस, स्विट्जरलैंड
  • एकदलीय प्रणाली - जिसमे शासन का सूत्र एक ही राजनैतिक दल के हाथो में रहे, विधानमंडल रबड़ के मुहर की तरह कार्य करती है , ओर दल द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों का अनुमोदन कर देती है, भारत की केंद्रीय सरकार में कई दशको तक (1977) एक ही दलइंडियन नेशनल कांग्रेस सत्तारूढ़ रहा , जबकि अन्य राज्यो के स्तर पर अन्य दलो की सरकार थी 
  • द्विदलीय प्रणाली - ब्रिटेन तथा अमेरिका इस प्रणाली का सर्वोत्तम उदाहरण है संसदीय प्रणाली द्विदलीय प्रणाली के लिए सर्वोत्तम होती है 
  • भारत में राजनैतिक पार्टी एवं उनकी भूमिका 
  • बहुदलीय प्रणाली - जिस देश में दो या दो से अधिक राजनितिक दल हो लेकिन किसी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है  जैसे भारत, फ़्रांस, स्विट्जरलैंड। 
  • लोकतंत्र में राजनितिक दलों की भूमिका 
  • अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली की अपेक्षा संसदीय शासन प्रणाली में राजनितिक दलों की भूमिका अधिक होती है संसदीय शासन प्रणाली में दल  अनेक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते है 
  • 1. लोकमत का निर्माण करते है 
  • 2. जनता को राजनितिक प्रशिक्षण देते है 
  • ३. निर्वाचन सम्बन्धी कार्य करते है 
  • 4. वे सत्तारूढ़ दल तथा विरोधी दल के रूप में कार्य करते है 
  • 5. दल जनता और सरकार के बीच की कड़ी का कार्य करते है 
  • 6. वे सामाजिक शिक्षा, संस्कृति आदि के क्षेत्र में कार्य करते है 
  • 7. वे किसी देश में क्रांति को रोकते है 
  • आधारभूत प्रश्नो पर लोकमत तैयार करने में वहां भी राजनितिक दल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है 
  • राष्ट्रिय दल का दर्जा हासिल करने के लिए तीन शर्ते 
  • 1 चार अथवा अधिक राज्यों में कुछ डेल गए वैध मतों का 6% प्राप्त करना जरूरी है लोकसभा व राजयसभा दोनों 
  • 2. किसी एक राज्य में अथवा राज्यों से विधानसभा की कम से कम 4 सीटे जितनी होगी 
  • 3 लोकसभा में 2% सीट हो, और कम से कम तीन विभिन्न राज्यों से हासिल की गयी हो 
  • NOTE : सन अक्टूबर 2015  के आकड़ो के अनुसार भारत में 6 राष्ट्रीय दल तथा 63 राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त है 
  • राष्ट्रीय राजनितिक दल - भारत संभवत : विश्व का सर्वाधिक राजनैतिक दलों वाला देश है , वर्तमान में 7  राजनैतिक दलों को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला हुआ है 
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस - दुनिया के सबसे पुराने दलों में से एक है 1885 में जवाहर लाल नेहरू की अगुवाई में इस दल ने भारत को एक आधुनिक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाएका प्रयास किया। 1971 तक लगातार और फिर 1980  से 1989  तक शासन किया।  यह पार्टी नयी आर्थिक नीतियों का समर्थक है 
  • भारतीय जनता पार्टी - पुराने भारतीय जनसंघ को पुनर्जीवित करके 1980 में यह पार्टी बनी, भारत की प्राचीन संस्कृति और मूल्यों से प्रेरणा लेकर मजबूत और आधुनिक भारत बनाने का लक्ष्य, भारतीय राष्ट्रवाद और राजनीति की इसकी अवधारणा  सांस्कृतिक राष्ट्रवाद(या हिंदुत्व)एक प्रमुख तत्व है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता की हैसियत से यह पार्टी 1998 में सत्ता में आई। पार्टी जम्मू और कश्मीर को क्षेत्रीय और राजनीतिक स्तर पर विशेष दर्जा देने के खिलाफ है भारत में राजनैतिक पार्टी एवं उनकी भूमिका 
  • बहुजन समाज पार्टी - स्व. काशीराम के नेतृत्व में 1984 में गठन।  पार्टी साहू महाराज, महात्मा फुले, पेरियार रामास्वामी नायकर और बाबा साहब अम्बेडकर के विचरो और शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है। दलितों, कमजोर वर्ग के कल्याण, उनके हितो की रक्षा के मुद्दों पर सबसे ज्यादा सक्रिय इस पार्टी का मुख्य आधार उत्तरप्रदेश है 
  • भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआई. एम )  -1964 में स्थापित, मार्क्सवाद लेनिनवाद में आस्था।  समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की समर्थक तथा साम्राजयवाद और साम्प्रदायिकता की विरोधी। पश्चिम बंगाल केरल त्रिपुरा में बहुत मजबूत आधार, यह पार्टी भारत में सामाजिक आर्थिक न्याय का लक्ष्य साधनो में लोकतांत्रिक चुनावो को सहायक और उपयोगी मानती है 
  • भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (सीपीआई ) - 1925 में गठित।  मार्क्सवाद - लेनिनवाद,धर्मनिरपेक्ष और लोकतंत्र में आस्था।  अलगाववादी और साम्प्रदायिक ताकतों की विरोधी। 
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एन सीपी) - कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद 1999 में यह पार्टी बनी गाँधीवादी, संघवाद में आस्था, यह पार्टी सरकार के प्रमुख पदों को सिर्फ भारत में जन्मे नागरिको के लिए आरक्षित करना चाहती है, महाराष्ट्र के बाद मेघालय मणिपुर असम में भी सक्रिय है 
  • ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस - ममता बनर्जी समर्थित तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला है इसका गठन 1998 में किया गया 
  • NOTE : दलबदल निरोधक अधिनियम 30 मार्च 1985 को पारित हुआ 

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